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लोगों के लिए अल्ट्रा हाई स्पीड ट्रेनों की सुविधा, होगा स्पेस जैसा सफर

लोगों के लिए अल्ट्रा हाई स्पीड ट्रेनों की सुविधा, होगा स्पेस जैसा सफर
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यातायात का साधन ट्रेन को हर कोई पसंद करता है क्योंकि यह काफी कम समय में व्यक्ति को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा देती है। आज हम चीन की बात कर रहे हैं जहां पर अब अल्ट्रा हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन के साथ एक ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम का सफलता पूर्ण परीक्षण किया गया है। आपको बता दे की सुपर नेविगेशन व्हीकल के इस्तेमाल से तीन नेविगेशन टेस्ट पूरे कर लिए गए हैं। इतना ही नहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक 210 मीटर के टेस्ट रूट पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड होने पर सभी प्रणालियों काम कर रही है इतना ही नहीं यह प्रयोग 2023 की शुरुआत में चीन में फूल स्केल सुपर नेविगेशन एक्सपेरिमेंट है। मिली जानकारी के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि अब आपका ट्रेन का सफर बहुत ही आसान होने वाला है आप कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचेंगे।

जमीन पर होगा स्पेस जैसा सफर

अगर सरल शब्दों में समझाया जाए तो जिस तरह से विमान आसमान में उड़ता है। इस तरह से आप जमीन पर उड़ सकेंगे। आपको बता दे की मग व्हील की टेक्नोलॉजी घर्षण को पूरी तरह से खत्म कर देती है। इसके बाद लो वैक्यूम पाइपलाइन में ट्रेन का संचालन करते समय प्रतिरोध और शोर कम हो जाता है इतना ही नहीं जो ट्रेन ट्रांसपोर्टेशन में मुख्य समस्याएं हैं। इतना ही नहीं आपको बता दे कि इस टेक्नोलॉजी के सफर की तुलना अंतरिक्ष में उतरने वाले स्पेस स्टेशन से की जा रही है जो की वेक्यूम के बिना किसी अवरोध के बेहद तेज गति से यात्रा करता है चीन में इस तरह की नहीं औद्योगिक सामग्रियों के तेजी से विकास करने के कारण मैग्वेल ट्रेन का विकास संभव हो गया है।

जानिए कितनी तेजी से करती है सफर तय

आपको बता दें कि हाई स्पीड ट्रेन के लिए चीन जाना जाता है और इसका उद्देश्य यह रहता है कि अपने विशाल क्षेत्र को जोड़ना इसमें न सिर्फ बड़े शहर बल्कि सुदूर इलाकों के क्षेत्र भी शामिल होते हैं। इतना ही नहीं आपको बता कि दिन की ट्रेन का सफर एक बड़े समूह के लिए समय और खर्च को कम कर देता है। हर कोई ट्रेन से सफर करना बहुत पसंद करता है। वर्तमान में चीन के पास सिर्फ मैग्लेव लाइन कमर्शियल उपयोग में है जो शंघाई के उड़ान हवाई अड्डे को शहर के लॉन्ग यंग रोड स्टेशन से जोड़ती है। इतना ही नहीं इस 30 किलोमीटर की यात्रा में सिर्फ 7:30 मिनट लगते हैं जिसमें ट्रेन 430 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है।

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