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मरने से पहले बच्चों के नाम ना करें अपनी संपत्ति: 12000 करोड की रेमंड कंपनी बेटे के नाम करदी, अब खाने के पड़ गये लाले, किराए के कमरे में रहने को हुए मजबूर

मरने से पहले बच्चों के नाम ना करें अपनी संपत्ति: 12000 करोड की रेमंड कंपनी बेटे के नाम करदी, अब खाने के पड़ गये लाले, किराए के कमरे में रहने को हुए मजबूर
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आज के समय में किसी पर भी भरोसा करना बेहद मुश्किल हो गया है। बाहर वालों की क्या बात करें घर में ही पिता अपने बेटे पर भरोसा नहीं कर सकता। दरअसल हम बात कर रहे हैं विजयपत सिंघानिया की जिनके साथ हाल ही में बेहद ही बुरा हुआ है। रेमंड ग्रुप के संस्थापक विजयपत सिंघानिया कुछ समय से सुर्खियों में बने हुए हैं। उनका यह कहना भी है कि अपने जीते जी अपनी पूरी संपत्ति बच्चों के नाम नहीं करनी चाहिए इतना ही नहीं सिंघानिया का यह भी कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में सबसे बड़ा सबक सीख लिया है। रेमंड समूह के पूर्व अध्यक्ष ने अपनी आत्मकथा एंड इनकंप्लीट लाइफ लॉन्च की है। जिसमें उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों का खुलासा किया है। इस समय विजयपत सिंघानिया के परिवार के सदस्यों में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है सिंघानिया ने बचपन के दिनों की बातें भी बताई हैं। विजयपत सिंघानिया ने अपने अनुभव से बहुत बड़ा सबक सीखा है उन्होंने यह सीखा है कि अपनी जिंदा रहते संपत्ति का हक बच्चों को नहीं देना चाहिए। अपनी मृत्यु के बाद ही माता-पिता को अपने बच्चों को संपत्ति देना चाहिए।

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सिंघानिया के बेटे ने चीनी गाड़ियां और ड्राइवर

आपको बता दे की विजयपत सिंघानिया ने कई खुलासे किए हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि मुझे मेरे कार्यालय जाने से रोक दिया गया। यहां महत्वपूर्ण दस्तावेज पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं वहां कुछ ऐसे भी समान है जो कि मेरे हैं। मुझे मुंबई और लंदन की अपनी गाड़ियां भी छोड़नी पड़ी है। अब मैं किसी सचेत से भी संपर्क नहीं कर सकता। ऐसा लगता है कि रेमंड के कर्मचारियों को बड़े आदेश दिए गए हैं क्योंकि वह मुझसे बात तक नहीं करते हैं। आपको बता दे की विजयपथ सिंधिया का नाम देश के सबसे बड़े उद्योगपति में शुमार है। कभी सिंघानिया 12000 करोड रुपए की कंपनी रेमंड के मालिक हुआ करते थे। लेकिन आज उनके पास ऐसा समय आ गया है कि₹1 के लिए भी मोहताज हो गए हैं। एक समय था जब विजयपत सिंघानिया का दबदबा हुआ करता था। वह मुकेश अंबानी के एंटीलिया आलीशान घर से भी ज्यादा ऊंचे और आलीशान घर में रहते थे। लेकिन उनके ही बेटे ने उनसे गाड़ी और ड्राइवर तक छीन लिया है। अब सिंघानिया दक्षिण मुंबई के किराए के कमरे में रह रहे हैं।


बेटे ने हड़प ली सारी संपत्ति

आपको बता दें कि साल 2015 में विजयपत सिंघानिया ने अपनी कंपनी के सारे शेयर्स अपने बेटे गौतम सिंघानिया को दे दिए थे। लेकिन जैसे ही बेटे के नाम पर सिंघानिया ने सारी संपत्ति की बेटे ने संपत्ति हड़प ली और आज विजयपत सिंघानिया दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। दरअसल विजयपत सिंघानिया ने साल 1925 में रेमंड कंपनी की शुरुआत की थी। इसके बाद 1958 में उन्होंने इसका पहला रिटेल शोरूम मुंबई में खोला था। इसके बाद कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से काम किया जिसने उन्हें एक अच्छे मुकाम तक पहुंचा। अब कंपनी न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी खोली गई थी। बड़ी सफलता हासिल होने के बाद साल 2006 में विजयपत सिंघानिया को भारत सरकार ने पद्मभ भूषण अवार्ड से भी सम्मानित किया था।

Rohit Kumar

Rohit Kumar

Has about 3 years of experience in the field of media. Started career with VR100 news channel, where worked on digital media for 1 year. After this, I got the experience of working on input for about 2 months in NextKhabar channel. After this, he got 2 years experience as Anchor cum Producer in National India News. Now serving in Vrsamachar website. Working here on gadgets and entertainment news. Our aim is to deliver great stories to the people.


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