CG Electricity Bill New Rules: मीटर रिचार्ज होने पर ही जलेंगे बल्ब, 1 अप्रैल से लागू, जानें नया नियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए भुगतान व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी के प्रीपेड मॉडल को हरी झंडी दे दी है। अब उपभोक्ताओं को बिजली का उपयोग करने से पहले मोबाइल फोन की तरह ही रिचार्ज करना होगा। एक बार रिचार्ज समाप्त होने पर बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था की शुरुआत राज्य के सरकारी विभागों से की जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से सभी सरकारी कनेक्शनों पर प्रीपेड प्रणाली लागू कर दी जाएगी। बिजली वितरण कंपनी का लक्ष्य ब्लॉक स्तर तक के सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित कुल 1.72 लाख सरकारी कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर स्थापित करने का है। अब तक करीब 1.5 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 22 हजार मीटरों पर कार्य तेजी से चल रहा है।
बकाया राशि 3,000 करोड़ के पार – यह है सबसे बड़ी वजह
इस निर्णय के पीछे सरकारी विभागों पर बढ़ता बिजली बिल का बकाया सबसे अहम कारण है। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त 2024 में यह बकाया 1,988 करोड़ रुपए था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 2,444.91 करोड़ रुपए हो गया। अब यह राशि 3,000 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है। अनुमान है कि मार्च माह के अंत तक यह आंकड़ा 3,500 करोड़ रुपए तक जा सकता है।
बकाया के मामले में नगरीय निकाय सबसे आगे हैं, जिन पर करीब 2,000 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं विकास विभाग पर लगभग 600 करोड़ रुपए बकाया हैं। पुराने बकाया के निपटारे के लिए सरकार ने बजट से किस्तों में भुगतान की व्यवस्था की है। इसके तहत पहली किस्त के रूप में 600 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।
नई व्यवस्था में क्या होगा बदलाव?
प्रीपेड प्रणाली के तहत सभी सरकारी विभागों को अपने औसत मासिक बिल के आधार पर तीन महीने का अग्रिम रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा। रिचार्ज की अवधि समाप्त होने से पहले अगली अवधि का भुगतान करना जरूरी होगा, अन्यथा बिजली की सप्लाई स्वतः बंद हो जाएगी। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रणाली से बिल वसूली में पारदर्शिता बढ़ेगी और बकाये की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
