धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार कब हुआ – क्यो सबसे छुपाकर किया गया धर्मेंद्र जी का अंतिम संस्कार | Actor Dharmendra Deol Last Rites

बॉलीवुड के सदाबहार ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र से जुड़ी एक अफवाह ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था। अचानक सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर आग की तरह फैल गई, जिसने लाखों चाहने वालों को सदमे में डाल दिया। हालाँकि, यह खबर पूरी तरह से निराधार साबित हुई, लेकिन इसी घटना ने एक पुरानी और दुखद स्मृति को फिर से ताजा कर दिया – उनकी पत्नी और सह-कलाकार, पूज्य श्रीमती प्रकाश कौर का देहांत।
जब श्रीमती प्रकाश कौर का निधन हुआ था, तब परिवार द्वारा अंतिम संस्कार में दिखाई गई ‘जल्दबाजी’ को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे। अब इसके पीछे की मार्मिक और वास्तविक वजह सामने आई है।
मीडिया के दबाव और एकांत की तलाश
जानकार सूत्रों के अनुसार, उस समय धर्मेंद्र जी का परिवार एक गहरे व्यक्तिगत दुःख से गुजर रहा था। उनकी इच्छा थी कि वे शांति और एकांत के साथ अपने प्रियजन को अंतिम विदाई दे सकें। हालाँकि, एक बड़े बॉलीवुड स्टार के परिवार से जुड़ी ऐसी घटना पर मीडिया का जबरदस्त ध्यान स्वाभाविक था। परिवार को आशंका थी कि अगर अंतिम संस्कार में देरी हुई तो मीडिया का जमावड़ा और श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ जाएगी कि उनके लिए शांतिपूर्वक विदाई का अवसर मिलना मुश्किल हो जाएगा।
एक पारिवारिक फैसला
यह जल्दबाजी नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा और संवेदनशील फैसला था। परिवार ने चाहा कि यह पल उनकी निजी शोक-सभा बना रहे, एक सार्वजनिक आयोजन नहीं। कोरोना काल के दौरान बनी सख्त गाइडलाइंस ने भी इस निर्णय में एक भूमिका निभाई। सीमित लोगों के साथ, समय से पहले ही क्रिया-कर्म पूरा करना, उस समय की परिस्थितियों में एक उचित कदम लगा।
धर्मेंद्र जी के लिए एक कठिन घड़ी
यह घटना धर्मेंद्र जी और उनके परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक रही होगी। एक तरफ प्रियजन का अचानक चले जाना का गम, और दूसरी तरफ सार्वजनिक जीवन से जुड़ी मजबूरियों के चलते उनके अंतिम संस्कार को लेकर उठने वाले सवाल। इस घटना ने सेलेब्रिटीज के निजी और सार्वजनिक जीवन के बीच की उस पतली रेखा को एक बार फिर रेखांकित किया, जहाँ एक ओर करोड़ों फैंस का प्यार है तो दूसरी ओर व्यक्तिगत दुःख को अकेले में जीने का अधिकार।
इस पूरे episode ने हमें यह याद दिलाया है कि हर सार्वजनिक हस्ती का एक निजी जीवन और संवेदनाएं भी होती हैं। किसी की मौजूदगी हो या विदाई, कुछ पल ऐसे होते हैं जो सिर्फ और सिर्फ परिवार के लिए ही सही होते हैं। धर्मेंद्र जी के प्रति सम्मान और श्रीमती प्रकाश कौर की आत्मा की शांति की कामना ही इस समय सबसे महत्वपूर्ण है।