Slider Post

New Labour Codes 2025 in hindi – gratuity, implementation date, salary restructure, working hours | देखिए हर बदलाव की पूरी जानकारी

भारत सरकार ने देश के श्रम कानूनों में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया है। यह नया लेबर कोड 2025 में लागू होने वाला है, जो कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आ रहा है। यह सुधार 100 साल पुराने श्रम कानूनों को बदलकर एक नई व्यवस्था स्थापित करेगा।

नए लेबर कोड के मुख्य आयाम

चार प्रमुख कोड:

  1. वेतन कोड (Wage Code)

  2. औद्योगिक संबंध कोड (Industrial Relations Code)

  3. सामाजिक सुरक्षा कोड (Social Security Code)

  4. कार्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें कोड (OSH Code)

कर्मचारियों के लिए प्रमुख बदलाव

वेतन संरचना में परिवर्तन:

  • मूल वेतन बढ़ेगा: कुल वेतन का 50% या उससे अधिक मूल वेतन होगा

  • भविष्य निधि में वृद्धि: PF कटौती बढ़ने से रिटायरमेंट कोष में इजाफा

  • ग्रेच्युटी लाभ: पांच साल के बजाय एक साल बाद ग्रेच्युटी का लाभ

कार्य शर्तों में सुधार:

  • काम के घंटे: दैनिक 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे का नियम

  • ओवरटाइम: सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम पर डबल वेतन

  • वीकली ऑफ: हफ्ते में कम से कम एक दिन की छुट्टी अनिवार्य

नियोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव

अनुपालन में आसानी:

श्रम संबंधों में लचीलापन:

  • कॉन्ट्रैक्ट लेबर: फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट को मान्यता

  • रेट्रेंचमेंट नियम: छंटनी के नियमों में उदारता

  • यूनियन संबंध: ट्रेड यूनियनों के लिए नए प्रावधान

नए कोड के लाभ

कर्मचारियों के लिए:

  • बेहतर सामाजिक सुरक्षा

  • पारदर्शी वेतन संरचना

  • समय पर वेतन भुगतान

  • बेहतर कार्य स्थितियां

नियोक्ताओं के लिए:

  • कम अनुपालन लागत

  • आसान श्रमिक भर्ती

  • बेहतर उत्पादकता

  • कानूनी स्पष्टता

कार्यान्वयन की समयसीमा

तैयारी के लिए आवश्यक कदम

कर्मचारियों के लिए:

  1. नए वेतन संरचना को समझें

  2. PF और ग्रेच्युटी लाभों की जानकारी लें

  3. कानूनी अधिकारों से खुद को अवगत कराएं

नियोक्ताओं के लिए:

  1. वेतन संरचना में बदलाव करें

  2. HR नीतियों को अपडेट करें

  3. कर्मचारियों को प्रशिक्षण दें

  4. वित्तीय योजना में समायोजन करें

विशेषज्ञों की राय

श्रम विशेषज्ञों के अनुसार:

  • “यह सुधार भारत के श्रम बाजार के लिए गेम चेंजर साबित होगा”

  • “कर्मचारियों को मिलेगा बेहतर संरक्षण और नियोक्ताओं को मिलेगी आसानी”

  • “फॉर्मल सेक्टर के विस्तार में मिलेगी मदद”

निष्कर्ष

नए लेबर कोड 2025 भारत के श्रम क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आ रहे हैं। यह सुधार न सिर्फ कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि व्यवसायों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करेगा। दोनों पक्षों के लिए जरूरी है कि वे इन बदलावों को समझें और अपनी तैयारी पूरी करें। एक सुचारू संक्रमण के लिए सही जानकारी और समय पर तैयारी ही सफलता की कुंजी है।

FAQ

1. नए लेबर कोड क्या हैं और इन्हें कब लागू किया जाएगा?
नए लेबर कोड भारत सरकार द्वारा देश के 100 साल पुराने श्रम कानूनों को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए सुधार हैं। ये चार प्रमुख कोड हैं जो कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे। इन्हें संभावित रूप से अप्रैल 2025 में लागू किया जाएगा।

2. क्या ये कोड कॉन्ट्रैक्ट लेबर और ट्रेड यूनियनों को भी प्रभावित करेंगे?
हाँ, ये कोड कॉन्ट्रैक्ट लेबर को फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट के रूप में मान्यता देंगे, जिससे उन्हें बेहतर सुरक्षा मिल सकती है। साथ ही, ट्रेड यूनियनों के लिए भी नए प्रावधान होंगे जो उनके संबंधों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करेंगे।

3. विशेषज्ञों की राय में इन सुधारों का भारतीय श्रम बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार भारत के श्रम बाजार के लिए “गेम चेंजर” साबित होंगे। इनसे कर्मचारियों को बेहतर संरक्षण मिलेगा, नियोक्ताओं को आसानी होगी और औपचारिक क्षेत्र (फॉर्मल सेक्टर) के विस्तार में मदद मिलेगी।

Vishal kumar

Hello friends, my name is Shekar Kumar and I live in India. I started blogging in 2022. I am very fond of writing or telling someone about finance and business. Now with the help of vrsamachar.com, I am ready to tell you every information related to business, finance and many more. Thank you
Back to top button